भुवनेश्वर: ओडिशा में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। शनिवार को नेता प्रतिपक्ष और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक तथा भाजपा विधायक लक्ष्मण बाग के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।

नवीन पटनायक ने भाजपा पर आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए विधायकों को कथित तौर पर लुभाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार पहले भी इस तरह की आशंकाएं जताई जा चुकी हैं और मौजूदा परिस्थितियां भी उसी दिशा में संकेत दे रही हैं।
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कांटाबांझी से भाजपा विधायक लक्ष्मण बाग ने कहा कि भाजपा किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि में शामिल नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है और विधायक अपने विवेक के आधार पर मतदान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी उम्मीदवार के पास पर्याप्त समर्थन है तो अन्य विधायकों को लेकर संदेह की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
इसी बीच कटक की बारबाटी सीट से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने पार्टी के कुछ विधायकों के बेंगलुरु जाने को लेकर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कुछ विधायक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास के साथ बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं, लेकिन उन्हें वहां जाने के लिए न तो कहा गया और न ही कोई निमंत्रण दिया गया।
सोफिया फिरदौस ने यह भी कहा कि बीजद प्रमुख द्वारा जिस उम्मीदवार को “साझा उम्मीदवार” बताया गया है, उसे समर्थन देने के फैसले से कांग्रेस के कुछ नेता असहज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के लिए बीजद भी काफी हद तक जिम्मेदार रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इतने महत्वपूर्ण निर्णय से पहले पार्टी नेतृत्व को सभी विधायकों से चर्चा करनी चाहिए थी। हालांकि मतदान को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया और कहा कि अंततः हर विधायक अपने विवेक के आधार पर ही मतदान करेगा।
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव में अब केवल दो दिन शेष हैं। ऐसे में बीजद, भाजपा और कांग्रेस तीनों दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति में जुटे हुए हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही राज्य की राजनीति में बयानबाज़ी और हलचल और तेज हो गई है।


