
झारसुगुड़ा, 2 अप्रैल:
ओडिशा के औद्योगिक नक्शे पर आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में देश के सबसे बड़े ‘कोयला गैसीफिकेशन’ आधारित अमोनियम नाइट्रेट प्रोजेक्ट के लिए भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के बीच भूमि लीज समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ ओडिशा बल्कि पूरे भारत के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
करीब 25,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मेगा प्रोजेक्ट MCL की 350 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा और प्रतिदिन लगभग 2,000 टन अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उत्पादन क्षमता भारत को रासायनिक क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड द्वारा विकसित स्वदेशी कोयला गैसीफिकेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे देश की आयात पर निर्भरता में भारी कमी आएगी। यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
अमोनियम नाइट्रेट, जो कृषि में उर्वरक और खनन व इंफ्रास्ट्रक्चर में विस्फोटक सामग्री के रूप में उपयोग होता है, इस प्रोजेक्ट के जरिए बड़े पैमाने पर उपलब्ध होगा। इससे न सिर्फ किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि खनन और निर्माण क्षेत्रों में भी क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने इस परियोजना को बढ़ावा देने के लिए लगभग 1,350 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी स्वीकृत की है, जो इसकी रणनीतिक अहमियत को दर्शाता है।
नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी की उपस्थिति में हुए इस समझौते को देश की ऊर्जा और औद्योगिक सुरक्षा के लिहाज से ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।


